1000 बीघा कृषि भूमि में काटी गई थी कालोनी
कैराना : नगर एवं तहसील क्षेत्र में गत वर्षों में अवैध कालोनियों की बाढ़ आई हुई है। अवैध तरीके से प्रोपर्टी डीलर कॉलोनियां काट कर तेजी से लखपति व करोड़पति हो गए है। अवैध कार्य पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन व तहसील प्रशासन की ओर से कार्रवाई की भनक लगने पर डीलरों ने अवैध कालोनियों के खेल को पाक करने के लिए अकृषि भूमि में दर्ज कराने में जुटे है।
नगर में स्थित तितरवाड़ा, शामली पानीपत रॉड, कांधला, खुरगान, झाड़खेड़ी, मायापुर, झिंझाना मार्ग व मन्नामाजरा में अवैध कॉलोनियों का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। प्रोपर्टी डीलर कृषि भूमि पर प्लाट काटकर कुछ वर्षों में रातों रात लखपति व करोड़पति बन बैठे है। जिला प्रशासन की ओर से अवैध कालोनियों पर कार्रवाई करने के लिए सूची तैयार कराई गई है। लेकिन सूची को तैयार करने वाले लेखपालों की भूमिका डीलरों को कार्रवाई से बचाने में भी प्रतीत हो रही है। जिसके चलते नगर में हजारों बीघा कृषि भूमि पर काटी गई अवैध रूप से कालोनियों को धारा 80 में अकृषि भूमि में दर्ज कराकर बचाने के लिए रास्ते दिखा रहे है। जिस कारण यह अवैध खेल चलता नजर आरहा है।
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सूची में भी किया गया खेल
तहसील प्रशासन की ओर से अवैध कालोनियों की सूची तैयार कराई गई। जिसमें लेखपाल द्वारा तितरवाड़ा , मायापुर व अफगान्नान मोहल्ले में स्थित रामडा मार्ग की कालोनी को नहीं शामिल किया गया।देखना यह है कि सभी मानकों पूरा नहीं करने वाली कालोनियों पर क्या प्रशासन कड़ी कार्रवाई अमल में लाकर इस पर प्रतिबंध लगा पाएगा ??
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