ऊंचा गांव में स्थित मानव चेतना केंद्र आश्रम में श्रीमद् देवी भागवत महापुराण कथा ज्ञान एवं सत चंडी महायज्ञ आयोजन मे कथा में तृतीय दिवस में श्री सुखदेव महाराज का आगमन एवं जन्म कैसे हुआ इसका व्रतांत बताया गया।



रविवार को कथा वाचक स्वामी ब्रह्म स्वरूपानंद महाराज ने प्रवचन में कहा कि श्री सुखदेव को यह शंका थी कि ग्रस्त में ज्ञान नहीं हो सकता। श्री जनक महाराज के द्वारा उनको ज्ञान की प्राप्ति हुई जोकि में ग्रहस्थि थे। उन्होंने जाना कि पुत्र द्वारा ही सद् गति एवं मुक्ति प्राप्त होती है ज्योति ज्ञान के भंडार राजा जनक से उन्होंने ज्ञान प्राप्त किया। संसार का नियम परिवर्तनशील है, शरीर घटता बढ़ता रहता है लेकिन परमात्मा कभी घटता बढ़ता नहीं। कथा के समापन पर सज्जन शर्मा, प्रवीण शर्मा, राहुल शर्मा व कंवर पाल शर्मा आदि शास्त्रियों ने विशेष आरती के उपरांत हवन कराया गया। इस दौरान सुरेश चौहान,अजय चौहान ज्ञानेंद्र चौहान, कंवरपाल शर्मा,रविंद्र कुमार,दीपक कुमार, श्यामसुंदर चौहान, मास्टर राधेश्याम शर्मा व राकेश चौहान आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

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